
मेरा जो एरिया ऑफ इंटरेस्ट है व बेसिकली वही है एंड आई एम साइबर क्राइम रिसर्चर एंड कंसल्टेंट आल्सो सो ट्स माय ब्रीफ इनो थक य ओके ट्स ली गन आप साइबर साइजी में काफी एक्सपीरियंस रखते है क्या आपको कोई ट या इडट याद है जो आपने स्टडी किया हो या आपके लिए बहुत इपल रहा हो एक्चुअली वी ल आर लर्नर हम डेली कुछ ना कुछ सीखते हैं टेक्नोलॉजी डेली नया नया कुछ ना कुछ आता रहता है हम देखते हैं डेली तो वी ल आर लर्नर नॉट एक्सपर्ट किसी भी फील्ड प हम एक्सपर्ट नहीं बोल सकते एकदम से अपने आपको को बट हा साइबर साइकोलॉजी मेरा एरिया ऑफ इंटरेस्ट है तो केस मैं आपके साथ शेयर करूंगी एक केस था बेसिकली
एक गर्ल थी 18 यर बिलो थी वो तो तो बेसिकली वो ा तो सब यूज करते हैं टीनेजर हो बच्चे हो बड़े हो सब यूज करते हैं
एक बार अगर सोशल मी इंटरनेट पर कोई चीज चली जाती है तो वो डिलीट नहीं होती इंटरनेट कभी भूलता नहीं है डिलीट नहीं करता है तो सर्कुलेट कर दी उसके बाद यू कैन नॉट इन इमेजिन नहीं कर सकते कि व्हाट इज द मेंटल स्टेटस उसका एकदम रो रही थी कि क्या करूं ऐसा हो गया मेरे साथ अब पता नहीं किसने सर्कुलेट कर दिया तो ऐसी चीजें जब थी हमारे पास जब आया ऐसा केस तो फिर हमने थोड़ी इन्वेस्टिगेशन की उसकी पता तो चल गया ने किया बट द मेंटल स्टेटस द गर्ल तो वो चीज जो थी तो उसने थोड़ा सा इंस्पायर किया मुझे कि ऐसी चीज हो रही है कि आप जब इंटरेक्शन करते हो सोशल मीडिया से ऑनलाइन
वर्ल्ड में एस ह्यूमन तो क्या होता है आपके साथ कैसी चीज आप के साथ चेंस होते हैं आपकी लाइफ में तो इसलिए थोड़ा सा यह मेरा एरिया ऑफ इंटरेस्ट वहा से मेरा थोड़ा सा इस ज्यादा हुआ था तोम का बच्चे जिनको फ के बारे में पता ही नहीं है बहुत न्यू बस वर्ड है आज के लिए तो अगर आप थ कर सके कि ये क्या है सि देखो साइबर साइकोलॉजी बेसिकली जब हम हम ह्यूमन है और हम अगर किसी भी मशीन से इंटरेक्ट करते हैं वो चाहे फोन हो या फिर लैपटॉप हो किसी भी डिजिटल डिवाइस से इंटरेक्ट करते तो हम कुछ और ही होते हैं यू कैन सी अगर तुम अपने आप को ऐसे देखोगी
या फिर तुम अपने आप को सोशल मीडिया प देखोगी तो मीम भी आते सोशल मीडिया प ऐसी फोटो लगी हुई है और रियल आधार कार्ड वाली फोटो ऐसे वाली मीम्स तो एटली होता यही है कि हम जो रियल में होते हैं हम सोशल मीडिया पर वो दिखाते हैं मतलब हमारी लाइफ का जो गुड साइड होता है या कोई भी वो दिखाता है तो जब हम सोशल मीडिया पर होते हैं बेसिकली तो हम कैसे रिएक्शन होते हैं हमारे कैसा हमारा इंटरेक्शन होता है तो बेसिकली इसकी जो स्टडी है वो साइबर साइकोलॉजी में की जाती है ओके ट्स रियली इंटरेस्टिंग मैम आज के समय में आई थिंक सोशल मीडिया प इन्फ्लुएंस बहुत बढ़ गया है और काफी हैकर्स और डीप
फेक क्रिएटर्स का माइंड साइट सिर्फ फेमस होना रहता है आपके हिसाब से य माइंडसेट आता कहां से है डेवलप कैसे होते है और इसे टैकल कैसे कर सकते हैं अ दैट इज रियली गुड क्वेश्चन एक्चुअली जो हैकर्स होते हैं या डी पे क्रिएटर होते हैं तो वो कभी-कभी फन के लिए ऐसी चीजें करते हैं डी फेक बनाते हैं डी फेक वीडियोस या और फोटोज या फिर फेमस होने के लिए और वायरल होने के लिए तो पता नहीं क्या क्या करते हैं लोग तो कई बार वायरल होने के लिए करते हैं कि भाई हमारी वीडियो वायरल हो जाएगी बट आप ये सोचिए कि कितने टाइम तक वायरल रहेगी कोई चीज जब तक कोई दूसरा वायरल वीडियो नहीं आ जाता तब तक सिर्फ ना
तो वो जो सक्सेस है कि हमें लगता है हम सक्सेसफुल हो गए हमने अगर कुछ नया अपलोड कर दिया कुछ हम हमने वीडियो कोई अच्छी सी बना दी रील कोई बना दी तो इसलिए यह जो होता है वायरल होने का कांसेप्ट या फेमस होने का तो बेसिकली ये जो होता है ये फैक्टर होता है इ करता है कि हम करते हैं जैसे हम अगर केस देखें दीपिका उसका रश्मिका मंदाना रश्मिका मंदाना जी का जो केस हुआ था उस पर भी जिस बच्चे ने किया था ये तो वो फेमस होने के लिए उसने किया था कि मैं फेमस हो जाऊ बट उसे ये नहीं पता कि कंसीक्वेंसेस भी है तो फिर पुलिस ने अरेस्ट किया उसे और ये
थोड़े कंसीक्वेंसेस होते हैं इन सब चीजों के आप अगर फन में कर रहे हो या कुछ भी चीज में कर रहे हो क्राइम तो क्राइम है चाहे जैसा भी करो तो इसलिए ये था मेरा पॉइंट ऑफ व्यू करेक्ट करेक्ट तो साइबर सिक्योरिटी और साइबर साइकोलॉजी के बीच में क्या कनेक्शन है लाइक आप उसे किस तरीके से एक्सप्लेन करें साइबर सिक्योरिटी एंड साइबर साइकोलॉजी आई थिंक दोनों इंटर कनेक्टेड है क्योंकि आप देखिए कोई भी साइबर क्राइम होता है तो साइबर साइकोलॉजिकली मैनिपुलेट करता है स्कैमर आजकल जैसे फोन आता है फेडेक्स के नाम प डिजिटल अरेस्ट के नाम प तो वो बेसिकली साइकोलॉजिकली ट कर रहे हैं तो आजकल जो है तो टेक्नोलॉजी से ज्यादा साइकोलॉजिकल जो है वो फैक्टर इन सब चीजों
में इवॉल्व होता है तो इसलिए हम कह सकते हैं कि साइबर सिक्योरिटी एंड साइबर साइकोलॉजी दोनों जो है इंटरकनेक्टेड है एब्सलूट मैम मैम मैंने यह देखा है अपने केसेस में भी मेरे फ्रेंड्स के केसेस में भी जब साइबर फड या ऑनलाइन स्कम की बात आती है लोग काफी डर जाते हैं कन्फ्यूज हो जाते हैं कि कैसे रिएक्ट करें आपके पहला स्टेप क्या होना चाहिए जब कोई फ्रॉड या साइबर क्राइम फेस करता है देख पहला स्टेप आपके साथ साइबर क्राइम हुआ आपके पैसे कट गए या फिर आपको कोई रास कर रहा है तो सबसे पहली चीज यह होती है कि आप थोड़ा सा काम हो जाओ क्योंकि उस टाइम प जो पैनिक क्रिएट होता है परेशान होता है आदमी मेंटल स्टेटस जो
होता है वो कुछ सोचने लायक नहीं रहता है लगता है कि यार ये हमारी गलती थी हमारी गलती से पैसे कट गए हमारे या हमारी गलती से कोई नुकसान हो गया हमारा तो ऐसे क्या होता है कि आप सबसे पहले तो शांत हो जाओ और शांत होने के बाद सबसे पहले एविडेंस कलेक्ट करो स्क्रीनशॉट लो अगर कोई आपको बुली कर रहा है उसका या फिर आपने कहीं पेमेंट की है यूपीआई का स्क्रीनशॉट लो तो आप सबसे पहले एविडेंस इकट्ठा करो एविडेंस इकट्ठा करके आप 1930 अगर फाइनेंशियल फ्रॉड हुआ है तो 193 पर कॉल करो या फिर साइबर कमजी इ पर रिपोर्ट करो तो वो भी एक ऑप्शन है या फिर आप नियरेस्ट पुलिस स्टेशन जाके
अपनी रिपोर्ट लिखवा सकते हैं तो ये होते हैं स्टार्टिंग जो इनिशियल स् होते और अगर पैसे कट गए हैं तो बैंक को नोटिफाई करना बहुत जरूरी है या मैम और साइबर हाइजीन लाइक बेसिस उसके अगर हम शेयर कर सके कि सब उस चीज को फॉलो करें एटलीस्ट हम थोड़ा लेस वल्नरेबल तो रहे थोड़ा [संगीत] सेफ एक्चुअली साइबर अवेयरनेस और साइबर हाइजीन की बातें हम सभी करते हैं बहुत बातें करते हैं साइबर अवेयरनेस होनी चाहिए साइबर हाइजीन मेंटेन करो कौन मेंटेन करता है देख को क्योंकि हम आप जैसे एजुकेटेड लोग हम लोग टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन इनेबल शायद अपनी सारी चीजों में नहीं करके रखते तो आप सोचो कि एक वो बंदा जो गांव में है उसे तो पता भी नहीं है टू एफ ए
मल्टीफैक्टर ऑथेंटिकेशन होता क्या है तो वो तो बस वो तो पासवर्ड पासवर्ड भी सेट नहीं करते कई बार तो वल्नरेबल वहां से बढ़ती है तो साइबर हाइजीन के लिए ये है कि साइबर हाइजीन बेसिकली ये बताता है कि ऑनलाइन वर्ल्ड में क्या सही है और क्या गलत है क्या आपको करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए तो बेसिक साइबर हाइजीन तो मैं तो यही कहूंगी कि थोड़ा सा प्रीसी अपनी मेंटेन रखिए ऑनलाइन वर्ल्ड में आप क्या शेयर कर रहे हो कितना शेयर कर रहे हो वो देखो आप लिमिटेड करो उसको अपनी फोटोज आप सारी शेयर मत कर दो अपनी फोटो आप शेयर करते हो फिर आपका इंपर्सनेशन हो जाता है या फिर डी फेक आपका बनता है फिर आप बोलते
हो हमारे साथ ऐसा हो गया तो एटली आप अगर वो थोड़ा कम करोगे तो शायद कि आप कम वल्नरेबल होंगे और दूसरी चीज ये ध्यान रखने की जरूरत है कि आपका अकाउंट अगर हैक हो गया है या फिर आपके साथ कोई स्कैम हो गया तो करना क्या है नेक्स्ट वो पता होना जरूरी है बेसिक नॉलेज होना जरूरी है और साइबर हाइजीन की प्रैक्टिस के लिए यही है कि अवेयर रखिए अपने आपको को कि कैसे क्राइम हो रहे हैं लाइक मैं हमेशा बोलती हूं कि हम आपने भी किया होगा काफी बार की टॉप 10 मूवीज कौन सी है या लि प टॉप 10 सीरीज कौन सी है वो हम सर्च करते हैं बेसली तो आप एक बार सर्च कर लो वीक में वन
एटलीस्ट वनस अ वीक की टॉप 10 साइबर क्राइम कौन से है तो शायद है कि थोड़ा वनरे बिलिटी कम होगी कि आप स्कम में फस सकते हो तो बे साइबर हाइजीन की प्रैक्टिस तो यही है कि अवेयर रहिए अवेयरनेस इ ओनली द की एब्सलूट मैम मैम जैसे आजकल साइबर बुलिंग और ट्रोलिंग बहुत हो रहा है ला बीट सेलेब ए इवन कोई पब्लिक फिगर भी होता है लोग अपने कमेंट कुछ भी सोच के कर देते हैं वहा तो आप उसको किस तरीके से साइबर साइकोलॉजी से रिलेट करेंगी साइबर बुलिंग एंड ट्रोलिंग ये बेसिकली होता क्या है कि आपको अगर ऑनलाइन प्लेटफार्म पर कोई हरासर रहा है या कोई थ्रेटनिंग कर रहा है या फिर आपकी फोटोस को
कोई शेयर कर रहा है सर्कुलेट कर रहा है तो दिस इज आल्सो कि आपको उसमें एंबेरेसमेंट लग रही है तो दैट इज ओनली साइबर बुलिंग तो साइबर बुलिंग में क्या होता है कि कभी-कभी इतने सारी चीजें आ जाती है आपको आपको सबसे पहले तो अपने किसी बड़े को बताना है आपको किसी बड़े से शेयर करना है अपने पेरेंट्स हो अपने टीचर हो मेंटर हो कोई भी हो और अगर आप नहीं शेयर कर सकते हो तो आप किसी ऐसे इंसान से शेयर करो जिससे आप बता सको क्योंकि ये बहुत बड़ा मेंटल प्रेशर दे देता है एक मेंटल डिसबैलेंस हो जाता है अगर आपके बारे में कोई नेगेटिव बोल रहा है आप अगर लाइव भी कर रहे हो और आपके बारे
में कोई नेगेटिव बोल रहा है वो नेगेटिव आपके बारे में 10 कोई पॉजिटिव बोलेगा आप शायद उसको माइंड नहीं करोगे बट एक नेगेटिव कमेंट अगर आया तो पूरे टाइम आपके दिमाग में वो घूमता रहेगा कि वो नेगेटिव क्यों बोला सामने वाले ने तो ऐसे फन करने के लिए लोग करते हैं ये चीजें बट वो मेंटल इंपैक्ट बहुत ज्यादा करता है तो ये समझने की जरूरत है कि आप उस कमेंट को ध्यान मत दो इग्नोर करो उन चीजों को एक्ली आई मीन आजकल आई सीन सो मेनी पीपल व लिटरली कुछ भी किसी की भी पर्सनल लाइफ देन दे लाक नहीं वो पब्लिक फिगर भी है देनल्स कमेंट आई थिंक की एक लिमिट का केस करना चाहिए जितना आप सहन कर सको ब व्ट यू
गिव वो चीज आपके पास भी तो एंड में आएगी ही जैसा भी आप दोगे किसी को सो मैम जैसे साइबर क्राइम में सोशल इंजीनियरिंग का रोल बढ़ता जा रहा है क्या आप करसे हैक साइकोलॉजिकल ट्रिक्स यूज करते हैं लोगों को फूल बनाते हैं और इससे कैसे बच सकते हैं हम बिल्कुल सही बात है साइबर अब जो है हमें साइकोलॉजिकली जो है वो ट्रैप किया जा रहा है तो इसे सोशल इंजीनियरिंग बोलते हैं हम तो सोशल इंजीनियरिंग टेक्निक्स होती टैक्टस होती है तो उसपे कैसे करते हैं ये लोग काम करते हैं चार फैक्टर प बेसिक इनके चार फैक्टर होते हैं सबसे पहला होता है फियर फियर क्रिएट करके सामने वाले को डरा दो उसके बाद फिर उससे पैसे स्ट करो
या जो इंफॉर्मेशन लेनी है वो लो लाइक हम देखते हैं जैसे कि डिजिटल अरेस्ट में डरा देते एकदम अथॉरिटी से बात कर रहे से बात कर रहे हैं तो इन सब चीजों से फिर लोग डर जाते हैं दूसरी चीज होती है ग्रीड कि अगर आपको मैसेज आता है कोई आपकी लॉटरी लग गई है या आपका लोन पास हो गया है किसी भी तरह का ग्रीड अगर दे रहे हैं आप ग्रीड में फस रहे ग्रीड में एक चीज और आएगी कि अगर ट सब्सक्रिप्शन आपको फ्री में मिल रहा है आज के लिए फ्री में है क्लिक करो और फिर फ्री कर लो आप सोचोगे चलो ठीक है पैसे बच गए तो वो एक फैक्टर आ जाता है तीसरी चीज होती है
ट्रस्ट ट्रस्ट मीस कि आपको फोन आ रहा है मैं बैंक से बोल रहा हूं या किसी कस्टमर केर का ए क्यूट बात कर रहा हो तो वो एक ट्रस्ट वो बिल्ड करते हैं आपको ल आपका वो अकाउंट नंबर बता देंगे आपका नाम बता देंगे आपको ट्रस्ट आ गया कि सामने वाला बैंक एमई है आपको ये थोड़ा सा भी आईडिया नहीं लगेगा कि ये स्कैमर भी हो सकता है तो ये जो ट्रस्ट भी फैक्टर है तो ये भी एक सोशल इंजीनियरिंग की टैक्टिक्स है इनकी लास्ट होता है पैनिक क्रिएट कर देना पैनिक का मतलब हो जाता है कि जैसे आपने कभी देखा होगा ना कि आधे घंटे में ये ऑफर एक्सपायर हो जाएगा अब आई मिल रहा 00 में आई 00 में
दे रहा है कोई आधे घंटे में ऑफर एक्सपायर हो जाएगा आप पेमेंट कर दो पहले से या आप पेमेंट कर दी आपने किसे पेमेंट की किसको कहां से पेमेंट कीया सब कुछ कुछ भी नहीं पता और कभी कभी तो पेमेंट करने के बाद आपके खाते से ही सारे पैसे चले जाते हैं ये फैक्टस जो होते हैं तो सोशल इंजीनियरिंग टैक्टिक्स यूज करते देखो हैकर्स हम नहीं कहते कि बहुत टेक्नोलॉजिक आगे हैं हमसे बहुत ज्यादा आगे नहीं जामताड़ा वाली जो सीरीज आपने देखी होगी जामताड़ा वाली जो थी तो जामताड़ा में रियल में भी जो लोग हैं कभी न्यूजपेपर में आता है कि वो कहां तक पड़े हुए होते हैं बताओ वो एथ 10थ 12थ ऐसे ही होते हैं तो बेसिकली
वो टेक्निकल नहीं होते बहुत ज्यादा टेक्निकल साउंड नहीं होते बट उनको साइकोलॉजिकली ट्रिक करना आता है उनको वो बात करना आता है कि सामने वाले को कैसे कन्वेंस करना है अपनी बात में लाना है तो ये जो फैक्टर है इसलिए मैं बोलती हूं कि ये इंटर कनेक्टेड है कक जो फ्रॉड फाइनेंशियल हो रहे हैं उनमें आप देखिए कि बहुत ज्यादा एकदम हैकर वकर काला कोट पहन के ऐसे ड़ी बड़ी लगा के ये नहीं बैठते है वो तो कहीं भी खेत में हो जाके फोन से स्टार्ट रहते हैं अपना गाड़ के तो ऐसे होते हैं रियल में सीन होता है ऐसा या ये तो है मैम बिल्कुल मैम आई वा जस्ट क्यूरियस आई वा गोइंग थ्रू योर प्रोफाइल
एक्चुअली तो मैंने देखा कि आप कॉमर्स बैकग्राउंड से आते हैं तो एकदम ये साइबर सिक्योरिटी वाली फील्ड में आपका स्विच कैसे हुआ मतलब इंटरेस्ट कैसे डेवलप हुआ अब देखो ऐसा नहीं है कि कोई अगर किसी और फीड से आ रहा है तो उसे इंटरेस्ट नहीं आएगा बट हां मुझे थोड़ा सा टेक्नोलॉजी में इंटरेस्ट था पहले भी था तो टूल्स एंड टेक्नोलॉजी को लेकर थोड़ा क्यूरियस थी मैं मेरा कॉमर्स बैकग्राउंड था उसके बाद फिर मैंने पीजीडीसीए किया उसके बाद फिर मैंने जो इंटर्नशिप की थी जो गुड़गांव पुलिस की थी तो थोड़ा सा डेवलप हुआ किटली ये फील्ड है थोड़ा सा मतलब फैंसी सा लगा अच्छा सा लगा कि नहीं इसपे जा सकते हैं इस पर काम किया जा सकता है काफी
इंटरेस्टिंग लगा तो फिर उसके बारे में थोड़ा सा करते करते थोड़ा बहुत लॉ भी किया फॉरन सिक्स भी किया अभी हम इन्वेस्टिगेशन प भी थोड़ा बहुत वर्क कर रहे हैं तो यह सब करते करते और साइकोलॉजी प तो मुझे शुरू से इंटरेस्ट था बहुत लोग जनरली होता है थोड़ा थोड़ा इंटरेस्ट सबका होता है साइकोलॉजी में तो मैंने जब साइबर साइकोलॉजी टर्म पढ़ा था तो मुझे लगा ये है क्या क्योंकि एटली लोगों को पता भी नहीं है कि क्या है मैंने खूब की रिसर्च की उसके बारे में तब मुझे समझ में आया कि साइबर साइकोलॉजी जो टर्म है वो फ्यूचर में बहुत ही ज्यादा यूजफुल होने वाला है क्योंकि इतने ज्यादा एडिक्ट हो रहे लोग टेक्नोलॉजी को लेके तो
उसके कंसीक्वेंसेस तो होंगे ही तो उसके लिए थेरेपिस्ट चाहिए साइबर साइकोलॉजिस्ट चाहिए तो ट्स वाय काफी ज्यादा इंटरेस्टिंग लगा ये फील्ड मुझे तो मैम आपको क्या लगता है कि जो ये साइबर साइकोलॉजी की फील्ड है आने वाले पाच 10 सालों में क्या स्कोप रहे और किस तरह से इसका इफल साइबर क्राइम और साइबर सिक्योरिटी पर देखने को मिलेगा देखो एक्चुअली स्कोप काफी ज्यादा होने वाला है क्योंकि एआई आ रहा है डीक आ रहा है तो जैसे डीक आ रहा है या एई की बात करें हम तो हर सिक्के के दो पहलू होते हैं तो जब एआई के थ्रू कोई क्राइम होगा या फिर डीफ के थ जैसे आज अगर हम एक एग्जांपल ले तो आपको आपकी मम्मी का कॉल आता है डी कॉल
कि कुछ भी इमरजेंसी है पैसे सेंड कर दो आप कन्फर्मेशन के बिना सेंड कर दोगे कि मम्मी को जरूरत है सेंड कर देती है तो फिर इस तरह से आप ये सोचोगे भी नहीं कि शायद य डीक हो सकता है तो इन सब चीजों को लेके साइबर सिक्योरिटी में साइबर साइकोलॉजी का जो है काफी ज्यादा एक रोल है काफी बड़ा रोल है तो स्कोप काफी ज्यादा जाने वाला है एडिक्ट हो र बच्चों को देखो कितने एडिक्ट है मतलब वायलेंट हो एकदम अगर उन्हे फोन ना मिले या फिर गेम ना मिले गेम वाले तो बिल्कुल गेम ना खेले तो बेचैन हो जाती है एकली आई मीन मैंने रिसेंट एक केस देखा देर वास किड एंड वो पता नहीं कोई गेम खेला था
पब्जी या क्या उसकी मदर ने उसको मना किया होगा या डांटा होगा ही लिटरली किल्ड हि मॉम फॉर द लाइक बच्चों का इतना वायलेंस उसका आ गया कि अब हमें नहीं पता उसका इंटेंशन वैसा था बट आउट ऑफ एंगर जैसा उसका था लाइक इंसेक्ट किलर मिला दिया शुगर में और फलोर प तेल वेल ऐसे डाल के काफी ऐसा करने की कोशिश 1 ईयर की बेटी तो य गुजरात का केस है बेसिकली फिर उसकी मदर ने फोन किया पुलिस को कि मेरी बेटी मुझे मारना चाहती है तो माइंडसेट ऐसा हो रहा है बच्चों का कि अब इमोशनली तो बिल्कुल कहा जा रहे हैं पता नहीं हो ग अब उन्ह बस एक वही है की एडिक्शन है
चाहि ल् मैमन य मे भी थोड़ा ऑफ टॉपिक हो स साइबर सिक्योरिटी से रिलेटेड बट आई थिंक आई वांट टू ब्रिंग दिस अप ऑन सच अ प्लेटफॉर्म बिकॉज आई नो कि हमारे ज्यादातर जो व्यूवर्स है वो स्टूडेंट्स ही है एंड पर्सनली भी अपने जब मैं स्टडी कर रही थी बैचलर एंड पोस्ट ग्रेजुएट के दौरान तो मैंने ये चीज काफी कॉमन देखी कि स्टूडेंट्स पे ना एक अलग सा प्रेशर रहता है और लगता है कहीं ना कहीं जहां उनका कॉलेज का एनवायरमेंट रहता है वो भी बहुत मैटर करता है लाइक मैं ऐसी हूं कि अगर मेरा कोई टीचर मुझे दो तीन शब्द बोले ना मुझे बहुत इफेक्ट करती है वो चीज अगर वो अच्छी भी हो या डांटने में भी हो तो मुझे
वो कहीं ना कहीं बहुत पिंच कर जाती है अभी आई वा जस्ट गोइंग थ्रू दिस रिसेंट न्यूज की एक आईआईटी की पीएचडी स्कलर स्टूडेंट थी आई मीन आई फॉर अस मुझे याद है मैंने जेई मेंस दिया था मदर बो आईआईटी वगैरह एनआईटी इतना बड़ा हमारे लिए सपना होता था कि यू नो यहां पर मिलना तो कितना ही वो है आई सीन माय फ्रेंड्स वो नीट और जे ये सबका एग्जाम देते थे तो फुल टाइम न 10 घंटा प्रिपरेशन करते थे एंड दे आर डूइंग वे ल ना बट जब मुझे ये न्यूज पता लगी कि आईआईटी की बच्ची जो पीएचडी स्कॉलर है शी कमिटेड सुसाइड क्योंकि वर्क प्रेशर और उधर का एनवायरमेंट ही वैसा उसको कर रहा था इवन
आईआईटी सिर्फ उसी का नहीं और भी मैंने इतने बच्चों को देखा है अभी रिसेंट केसेस हीम लाइक अप्रैल से छ सात ऐसे सुसाइड तो उधर हुई होंगी तो इट वाज रियली शॉकिंग की हमारा एजुकेशन सिस्टम अभी क्या बनता जा रहा है लाइक सिर्फ एक रोट लर्निंग के हिसाब से चल रहे कि रट्टा मार के तो आप इस चीज पर अगर उन्हे गाइड कर सके कि वो गलत स्टेप्स लेने के बजाय उस चीज को कैसे टैकल कर सके उसके अगर थोड़ी टिप्स दे सके बिल्कुल ये थोड़ा सीरियस इशू है और एटली मैंने भी काफी इस चीज को देखा कि इतने लेवल पर जाके जो आईआईटी में है या फिर जो कोटा में लोग है बच्चे हैं वो काफी
सुसाइड करते बहुत ज्यादा एक सुसाइडल रेट जो है इंडिया का तो काफी ज्यादा है तो तो वो देखते हुए हम यह कह सकते हैं कि हां प्रेशर तो बच्चों को है काफी ज्यादा है क्योंकि आज के कंपटीशन के टाइम पर अगर कंपटीशन वो फेस नहीं कर पाते हैं या फिर कह सकते हैं पेशेंस लेवल भी थोड़ा कम है अ बच्चों का अब पहले के लोग मेहनत करते थे ना तो वो कहते थे कि हम मेहनत कर रहे हैं या काफी काम कर रहे हैं अब के लोगों को थोड़ा सा काम हो जाता है तो डिप्रेसेंट होने लगती है तो काफी सारी चीज पेश लेवल भी अब कम है बच्चों का और दूसरी चीज यह है
कि ऑनलाइन से भी य थोड़ा सा कनेक्टेड मैं करूंगी इसे सोशल मीडिया से जैसे अगर कोई लड़का है वो काम वो अपना एग्जाम दे रहा है प्रिपरेशन कर रहा है सब कुछ कर रहा है उसके बाद सेम बैच की किसी बंदे की जॉब लग जाती है किसी अच्छे पोजीशन प और उसकी थोड़ा सा डाउन पोजीशन पर लगती है या फिर कोई नहीं भी लगती है ऐसे कुछ तो वो देखता है उनके लाइफ स्टाइल की वो बड़ा पार्टी कर रहे हैं फोटो डाल रहे हैं सब कुछ रहे तो उन सब चीजों से भी एक डिप्रेशन आता है लोगों को कि बताओ हम यही रह गए और यह बंदा यहां पहुंच गया तो हमें भी जाना चाहिए था
ऐसी चीज भी हो जाती है और मैं पेरेंट्स से भी कहना चाहूंगी कि पेरेंट्स भी थोड़ा सा कम प्रेशराइज करें बच्चों को समझे कि बच्चे कंटेंट नहीं है बच्चे मशीन नहीं है कि वो जो आप चाहो कि आपकी लाइफ खत्म हो गई है आप आगे कुछ नहीं कर सकते एक टाइम सबकी लाइफ में आता है ते की जब लगता है कि क्विट कर द कोई भी फी मलब जैसे आप साइबर सिक्योरिटी में ही हो साइबर सिक्योरिटी में भी कई लोग होंगे जो एटली इस पर काम कर रहे हैं पढ़ रहे हैं कुछ भी कर रहे बट एक टाइम आता है जब उन्हें लगता है कुछ नहीं हो रहा है तो क्विट कर देते कई लोग स्विच
कर लेते हैं हमने देखा कई लोग जल्दी जल्दी अपनी जो फील्ड है वो स्विच करते माल बहर में है तो फिर किसी और में चले जाएंगे या फिर बोलते हैं कि चलो ठीक है डेटा एनालिसिस वाला है पार्ट उस पर ज्यादा ग्रोथ है वहां चले जाते हैं कई लोग डेवलपर में डेवलपिंग में चले जाते हैं डेवलपर बन जाते हैं तो स्विच कर लेते जल्दी जल्दी आप अपनी एक एक्सपर्टीज प काम कीजिए और आप जितना काम करेंगे उतनी आपकी एक्सपर्टीज डेवलप होगी और उसके बाद फिर सक्सेस मिलेगी आपको जल्दी नहीं मिलेगी सक्सेस कोई एक दो दिन का कुछ ऐसा नहीं है कप ऑफ टी टी नहीं है थोड़ा टाइम लगता है लेकिन मिलती है अचीवमेंट मिलती है बस हा ये है कि अपने आप
को उस चीज में जाने नहीं देना है इंट्रोवर्ट नहीं बनना है कि आप इंट्रोवर्ट बन क्योंकि अगर आप इंट्रोवर्ट बन जाओगे तो आप किसी से कह नहीं पाओगे अपने जो भी आपके साथ में कलीग है आपके आपके फ्रेंड्स आप बताइए उनको कुछ भी चीज आप फील कर रहे हो आप कम से कम एक्सप्रेस करो अपनी फीलिंग को तो अगर आप अपनी एक्सप्रेस करते हो फीलिंग तो वो फीलिंग अंदर नहीं घुट के रह जाती इसलिए एक्सप्रेस करना सीखिए इंट्रोवर्ट अगर आप रहोगे ना तो आप शायद एंजाइटी या डिप्रेशन ये चीज आपको परेशान कर सकती है नहीं एब्सलूट मैम जैसे व एक कहावत है ना कि कंपैरिजन इ थीफ ऑफ जॉय तो मुझे वही लगता है मुझे भी पता है इयर टू से की यू
नो आप इतना व प्रेशर या उस चीज को कैसे मैनेज करो आई नो कि जब बंदा उस चीज में उस चीज से गुजर रहा होता है इवन चिल्ड्रन आई सीन सो मेनी स्टूडेंट्स अपने बचने देखा है तो आई नो कि वो मुश्किल होता है मैं बस ये बोलूंगी मुझे नहीं पता कि कौन बंदा कैसा है ज्यादा स्पिरिचुअल है या नहीं बट आप अपना फेथ स्ट्रंग रखिए एंड गिव अप तो करने का ही नहीं है भाई मतलब अगर जी रहे हैं तो मतलब गॉड है सम प्लान फॉर अस एंड आई डोंट नो वाई बट आई फील रियली कॉल्ड कि मैं ये टॉपिक यहां पर लेकर आऊ क्योंकि ये चीज बहुत कॉमन है एंड इट एक्चुअली पेंस मी जब
आई सी इतने मतलब स्कॉलर बच्चे ऐसा कर रहे हैं तो कहीं ना कहीं हम जैसे स्टूडेंट्स को भी ऐसा लगता है कि यार वो आईआईटी में होने के बाद भी उसने कर दिया मतलब होता है ना कि हमारे लिए तो एक वो एक एंड गोल है कि हमको ये मिल गया ट्रैक एक लूप में फस जाते हैं ना कि ये कर लिया फिर वो नेक्स्ट फिर अपने को लगता है कि यार जब उस बंदे के पास है ही हमारा एंड गोल और वही सेटिस्फाइड नहीं है तो क्या हम सही रास्ते पे है भी या नहीं तो वो चीज हमें भी कहीं ना कहीं वो क्लिक करती है सो आई जस्ट वांट एवरीवन जो भी स्टूडेंट है कि प्लीज
बिल्कुल अपना कॉन्फिडेंस लूज मत कीजिए कहीं ना कहीं जैसा भी आपके फ्रेंड्स है कोलीग है उनके साथ आप डिस्कस कीजिए जो भी बात अगर डायरेक्टली नहीं कर सकते तो इनडायरेक्टली किसी से तो हेल्प लीजिए ओबवियसली इतना तो शटी है कि कोई ना कोई उस सेम सिचुएशन नहीं होगी बट सम वट वो आपकी चीज को समझ सकते हैं तो एंड अपना फेथ जरूर स्ट्रंग रखिए मैं तो यही पर्सनली सजेस्ट करूंगी सबको बिकॉज इट एक्चुअली हे मी आप जिसको भी मानते हैं जिस खुदा को मानते हैं प्लीज आप उसम अपना फेथ प्ली स्ट्रंग रखिए जो भी होगा प्लान आप बस उनके हाथ प छोड़ यू डू योर बेस्ट स्टडिंग यही मेन चीज है हम जितना भी अचीव करले वी हैव टू बी लर्नर एंड लाइफ तक
हमते रहेंगे तो वही एक लर्न एक सीखने की इच्छा पूरी लाइफ में हमको रखनी चाहिए नोटर हम किस पोजीशन पर कभी पहुंच जाते हैं नहीं बट थैंक यू सो मच मैम आपने इस चीज पर बोला रियली ग्लैड दैट यू टॉक अबाउट इट ल् आई जस्ट वांटेड टू आस्क समथिंग पर्सनल फ्रॉम यू की आपके समय में और अबके समय में बहुत ओबवियसली डिफरेंस रहा होगा लाइक स्टडी पैटर्न में या फिर आपका उस टाइम प कैसे पढ़ाया जाता था तो कोई एक ऐसा मूमेंट बचपन में और अब में जो आपको लगता है कि यार मैंने लाइफ में कुछ तो फोड़ा है सर्ट ऑफ लाइक ट होता है ना कि यार अब मैं कई हूं तो लगता है कि समझ आ है कि वो जो चीज हुई
उसका भी कुछ ना कुछ रीजन था तो वो आपके साथ कभी में ऐसा कोई मूमेंट हुआ हो जो आप हमसे शेयर कर सके ऐसा कोई मोमेंट इतना हुआ नहीं हा कुछ तो थोड़ा वाले में यह लगता है कि हम डिस्ट्रक्ट कम हुए क्योंकि हमारे टाइम पर सोशल मीडिया या फ्री का इंटरनेट इतना नहीं था लिमिटेड इंटरनेट मिलता था न जीी बी मिलता था हमें पूरे मंथ के लिए अभी वन जीी भी बोलो एक दिन भी नहीं चल पाता तो ऐसा चीज थी कि हमारे टाइम पर थोड़ा सा डिस्ट्रक्शन कम था रिलेशनशिप को लेकर लोग सीरियस होते थे अब तो रिलेशनशिप एकदम इतना जल्दी चेंज होते लोग कपड़े इतने नहीं बदलते ने रिलेशनशिप बदलते हैं बोलते हैं
तो ये चीज हो रखी है आजकल के टाइम प तो यह लगता है कि अच्छा हुआ कि हमारे टाइम पर थोड़ा ये सोशल मीडिया वाला क्रेज जो था शो ऑफ वाला क्रेज था यह कम था तो हम थोड़ा फोकस कर पाए बट अभी भी है चीज अच्छी है मतलब वही है प्रोज एंड कॉन हर चीज के होते अब ये कि अब हमारे टाइम पर हम बुक्स से सारी नॉलेज कलेक्ट करते थे सब कुछ बुक्स पढ़नी पड़ती आज के टाइम पर आपको कुछ समझना है आप की एक वीडियो खोलो किसी पर्सन के ढंग के की उसको सुनो आपको याद हो जाएगा क्योंकि जो इंसान का दिमाग है वो विजुअल से जल्दी समझता है तो विजुअल आपके सामने
कुछ डी में चला लो या कुछ ऐसा प्ले कर दो तो फिर आप जदी समझ पाते हो जैसे हम मूवी से इलस हो जाते जल्दी क्योंकि हमारे दिमाग में वो इंपैक्ट करता है बट अभी बुक पढ़ो तो नींद आने लगती है तो यह बातें है तो एक चीज थी डिस्ट्रक्शन थोड़ा कम था मतलब फोन छोटा था तो डिक्शन कम था अभी फोन बड़ा हो गया डिक्शन ज्यादा हो गया मैम इट्स एक्चुअली ट्रू ये चीज मैं भी मेरा भी थोड़ा स्क्रीन टाइम कुछ ज्यादा ही है एंड आई एम गिल्टी ऑफ इट मैं जरूर ट्राई करती हं कि मैं थोड़ा कम ही यूज करू उसको बट या इट एक्चुअली वेरी एडिक्टिव आज का टाइम ऐसा हो गया ना कि मुझे भी लगता है कि
ज्यादा डिब्बे के बीच में हम सीमित रह गए हैं वो हमें नहीं करना चाहिए लद आल्सो मैम एक और था मेरा की मैं जब इस फड में आई तो इस फील्ड में मैंने मेमन को बहुत रियर देखा है आई मीन देखा होगा बट उतना ज्यादा नहीं जितना मैं मेल डोमिनेटेड ए आईम न से लेनी कोई फेमिनिज वाली बात हो रही है बट ऐसे ही इ जनल य पर मेन का रोल मैंने बहुत कम देखा है तो आपको क्या लगता है कि कैसे हम और ज्यादा मेन को इरेज कर सकते में आने के लिए और अभी भी कुछ चैलेंस को में एक चैलेंस तो है टली क्योंकि एमन थ कॉन्फिडेंस टेक्नोलॉजी को लेकर मुझे लगता है कि थोड़ा सा कम होता है मेन को फिर
जिन्ह थोड़ा टेक्निकली साउंड है जो तो उन्हे पाथ नहीं मिलता गाइडेंस नहीं मिलती रियल में की करना क्या है कैसे करना है और दूसरी चीज मैंने यह भी देखा है मेंटरशिप मेंटरशिप बहुत जरूरी है कि मेंटरशिप और जो इस फीड में साइबर सिक्योरिटी में जो ममन है वो आगे आए और मेंटरशिप करें क्योंकि अगर मेंटरशिप करेंगी तो फिर ज्यादा लोग इनकरेज होंगे कि हमें भी इनके जैसा कुछ करना तो वो एक गाइडेंस जो है वो मिल सकती है उनको तो मन का पर्सपेक्टिव बहुत जरूरी है और अगर ममन आती है साइबर सिक्योरिटी में तो यह काफी स्ट्रंग प्रोस्पेक्टिव रहेगा काफी अच्छा होगा वर्ल्ड के लिए या फिर इंडिया के लिए क्योंकि स्त्री कुछ भी कर सकती है
वाला हाल है काफी अच्छा कर स बिल्कुल मैम एक्चुअली आई वा रिली हैपी ज मुझे पता लगा कि देन साइबर सिकटी टेकिंग प रियली लुकिंग फॉरवर्ड टू इट सो रिली ग्लैड में है एक ना सेंस ऑफ बिलोंग स लगती है जब मैं का सक्सेस और आपका सक्सेस को एजिस्ट कर सकता है अब जैसे अंबानी है या टाटा जी है वो दोनों भी तो सक्सेसफुल ही है ना तो वो भी तो को एसिस्ट कर ही रहे थे राइट तो मुझे ऐसा लगता है कि हम अपना इधर उधर ज्यादा ध्यान ना दे अपने पर देखे हमको ऐसा लगता है द ग्रास इ ग्रीन ऑन द अदर साइड बट ऐ होता वी नेवर नो की एक्चुअली में उसका
सिनेरियो क्या है तो या यह तो एक चीज है आल्सो मैम मैंने एक चीज देखी थी कि आप जो कंटेंट डालती है वो स्पेसिफिकली कभी-कभी सीनियर सिटीजन से भी डील करता है कि वो इतना ज्यादा टारगेट क्यों किए जाते हैं स्कैम को लेकर तो उसके बारे में अगर आप थोड़ा बता सके एंड कैसे हम ये सीनियर सिटीजन से अवेयर कर सके कि वो इन सब चीजों में ना फसे क्योंकि ऐसा बहुत कॉमन है मेरी की मासी भी एक बार उन्होंने बड़े मजे से अपना अकाउंट नंबर एंड सब कुछ दे दिया एंड उनका फिर हैक हो गया उनके अकाउंट से भी सारे पैसे निकल गए थे आ लाक इतने भोले लगते हैं मतलब आज के जनरेशन में आपको ऐसे
लोग नहीं मिलेंगे वो एक कहीं ना कहीं चीज एक अच्छी भी है कि व भोलापन जो है ना वो इस जनरेशन में नहीं है वो उन में है बट भाई अब है ही कलयुग चल रहा तो सब उसका कर रहे उस भोले गुडनेस का तो आप उस चीज से कैसे हमें बताइए कि हम ककल कर सके कैसे अवे कर सके सीनियर सिटीजन को सीनियर सिटीजन की बात करें अगर तो यस मैं काफी कंटेंट में अपने ऐसे डालती हूं जो सीनियर सिटीजन के रिगार्डिंग होते है क्योंकि मुझे लगता है कि सीनियर सिटीजन जो है वो ज्यादा वल्नरेबल है हम बच्चों से ज्यादा नरेल बच्चों को तो फिर भी थोड़ा बहुत पता है फोन चलाना आता है उनको फोन के बारे में
थोड़ा बहुत नॉलेज है बट सीनियर सिटीजन को बिल्कुल नहीं पता है तो सीनियर सिजन को जब बिल्कुल भी नहीं पता क्योंकि वो फैमिलियर इतने है नहीं उनके उनके टाइम पर कुछ ऐसा टेक्नोलॉजी थी नहीं अब टेक्नोलॉजी से वो इतना हैंडी उनके लिए टेक्नोलॉजी नहीं है नई है सीनियर सिटीजन का क्या होता है ना कि वो इसलिए होते क्योंकि ली मैं देखती हूं ज्यादातर रिटायर जो होते हैं उनके पास फंड होता है पेंशन मेंशन होती है तो इसीलिए जो स्मर होते हैं वो ज्यादा उनको टारगेट करने की कोशिश करते कि पैसे य अब स्टूडेंट को टारगेट करेंगे कितना मिल जाएगा उनको स्टूडेंट को टारगेट करके नहीं मिलने वाला कुछ भी थोड़ा बहुत मिलेगा मिलेगा तना ही दे देगा स्टूडेंट तो सीनियर
सिटीजन को टारगेट करते है क्योंकि सीनियर सिटीजन के पास पैसे होते हैं दूसरी चीज वो भरोसा जल्दी करते हैं कोई कॉल आ गया मतलब मोबाइल कोई मैसेज आ गया आप देखिए आप सीनियर सिटीजन को देखिए अगर कोई भी फेक मैसेज आएगा ना फेक न्यूज कोई भी आएगी की सोना ब की नोट बंद हुई थी ऐसे ऐसे करके कोई भी वो तुरंत सर्कुलेट करते अपने ग में उन्ह लगता है पर आया मतलब सही है वैलिडेशन वेरिफिकेशन उनको नहीं आता तो उन्ह सिखाओ भी ना तो बोलेंगे चलो बहुत तुम स्मार्ट बन रही हो मुझे सब पता है य हो जाता हैर करना बहुत जरूरी है पढ़े व ने मैं काफी ऐसे एनजीओ से भी एसोसिएट कि जो लोग सीनियर सिटीजन की
अवेयरनेस के लिए साइबर नहीं हर टाइप की अवेयरनेस के लिए वेलनेस के लिए काम करते हैं क्योंकि आजकल तो सीनियर सिजें का हाल देखो वो अकेले ही रहते हैं बेटे बहू सब जॉब करते हैं या बच्चे पढ़ते हैं तो वो सेटल हो जाते हैं बाहर अब बचते हैं दो लोग अब वो किससे बोले कोई चीज है ऑनलाइन कोई प्रॉब्लम है कोई इशू है किससे बोले तो इसलिए ऐसे कुछ एनजीओ है जो इनको गाइड कर सकते हैं तो ऐसे ए में भी हम सेशन लेते हैं फ्री क्वेंट और उनको बताते हैं कि आप अगर नहीं बता सकते आप क्योंकि कई बार क्या होता है ना कि अब देखो एक केस जो होता है बहुत ही ज्यादा मतलब ऐसा केस होता है कि
लोग बताते नहीं का केस एक केस आया था एक सीनियर सजें थे उनके में फोन आया अभी चश्मा वस्मा लगाया नहीं था उन्ह पता नहीं था कि कॉल कहां से आ रहा है एंड उन्होंने रिसीव कर लिया ट कॉल था सेकंड साइड से जो एक्सप्लिसिट कंटेंट चल रहा था जब तक व कुछ समझ पाते तब तकन कट गया फोन कट गया अब फिर उनकी वीडियो ऐसे मर्फ करके लगा के उन्हीं को सेंड की गई कि अब आप जो है तो आपने ऐसी चीज की है हम जा रहे हैं आपकी खिलाफ रिपोर्ट कर देंगे वो मतलब तुम सोच नहीं सकते वो किससे बताए क्योंकि ओबवियसली एक रेपुटेशन होती है एक कोई रिटायर पर्सन है या कोई 60 7 साल का इंसान है उसकी एक
रेपुटेशन होती है सोसाइटी में अभी वो बोलते हैं कि आपके सारे कांटेक्ट से हम शेयर कर देंगे ऐसी चीज तो वो बेचारे इस चीज को समझ ही नहीं पाते करना क्या है और किसी से कह भी नहीं पाते और बच्चों से कहेंगे अगर तो बच्चे कहते हैं कि आपने क्यों किया ऐसा क्यों उठाया आपको इतनी बार समझाया है आपने क्यों फोन उठाया अभी वो नहीं समझ रहे कि वो चश्मा था नहीं वो समझ नहीं पाए उन्हें लगा किसी का अर्जेंट कॉल है तो इसलिए सीनियर सिटीजन मुझे थोड़े वल्नरेबल लगते हैं कि रेबल है वो साइबर क्राइम को लेके थोड़ा ज्यादा फस जाते हैं व समझ नहीं पाते ये तो है आई सीनस थ ल इन जो आपने
टॉपिक बोला कि वो मोस्टली अकेले रहते हैं ये बहुत इं प आई एम वेरी एक्टिव थोड़ा सा तो मैं बहुत रिल्स देखती हूं कि इतने सारे ओल्ड एज होम है एंड दे आर लिविंग अलोन और मेरे को अंदर से भी ऐसा लगता है कि यार तुम इतना कमा के जहां भी बाहर जा रहे हो मतलब और तुम उनको पीछे छोड़ रहे हो तो मैं एक्चुअली में लगता है कि तुमने एक्चुअली में लाइफ में कुछ अचीव कर लिया ऐसे करके जिन्होंने तुम्ह इतना कैपेबल किया है कि तुम उस लेवल तक पहुंच सको तुम बाहर जाओ बाहर पढ़ना इज नॉट इजी हर ब के लिए कहीं ना कहीं एक पॉइंट पे एक एम रहता है नो अब्रॉड जाके पढ़ेंगे एंड मेरे टाइम प भी
ये बहुत फेमस चीज थी इवन आई वाज वन ऑफ देम तो ब उस टाइम प ऐसा लगता था कि अब्रॉड जाएंगे क्या ये वो एंड देन मैंने बहुत देखा है कि लोन लेकर वहां बच्चों को भेज देते हैं वो एंड कहीं पेरेंट्स इतने मतलब इनोसेंट भी होते हैं ना कि उनको पता भी नहीं होता कि बच्चा वहां पे क्या कर रहा है क्या कर रहा है करेक्ट एगजैक्टली तो मुझे लगता है कि ये चीज एक खुद से भी होता है ना कि हमय साइबर सिक्योरिटी का बोल रहे तुम खुद से खुद को और अपने घर वालों को भी तो धोखा दे ही रहे हो ना एक तरीके का स्कम वो भी तो कर ही रहे हो ना
तो आई वुड सजेस्ट यार प्लीज ऐसा बिल्कुल मत करो अपना इंटेंशन सही रखो अपना इंटेंशन सही रखोगे ना आई स्वेर टू गॉड ऐसी क्या चीज है जो तुम्हे गलत ऐसे कर दे कोई और करेगा भी ना फिर वो भरेगा भी सो प्लीज अपने की रिस्पेक्ट करो वमन की रिस्पेक्ट करो वमन क्या जो भी मेन जो भी है सबकी रिस्पेक्ट करो रिस्पेक्ट करोगे तो मिलेगी अब वो सामने वाले प है देखो हम किसी का नेचर नहीं बदल सकते हैं बट हम खुद को तो सही से कंडक्ट कर सकते हैं ना यस कर करके क्या ही कर लेंगे सो या दिस वा एक्चुअली एन आई ओपनर फॉर ल ऑफ अस ल्स मैम मैंने ये चीज भी देखी थी की यू हैव बीन वेरी वोकल
अबाउट यू नो एजुकेटिंग चिल्ड्रन इन साइबर सिक्योरिटी डोमेन तो आप पेरेंट्स को क्या टिप देना चाहेंगे कि अपने बचे को इस चीज के बारे में कैसे प्रोटेक्ट कर सके ऑनलाइन पेरेंट्स के लिए जरूरी चीज यह है कि पेरेंट्स इस चीज पर नजर रखे कि आपका बच्चा देख क्या रहा है पैरेंटल कंट्रोल आप देखि अब बच्चों का क्या है आजकल जैसे छोटे बच्चे ठीक है उन पर पैरेंटल कंट्रोल हम एप्लीकेशन के थ्रू रख सकते हैं कौन से उन्ह साइट पर जाना है कौन से नहीं जाना है यह सब हम मैनेज कर बट थोड़े से जब टीनेजर हो जाते है ना उनकी हो जाती प्रवे हमारी प्रसी में आप दफल क्यों दे रहे हो आपको नहीं बोलना अब पहले बच्चों के पास फोन
नहीं था बट अब जब कोविड के बाद जब से क्लासेस स्टार्ट हुई है तो फोन उनके पास है मेरे भी नोन में काफी लोग है जिनके बच्चे 14 15 यर के और उनके पास पर्सनल फोन है अब फोन है वो अपनी प्रवे खुद अपना पासवर्ड लगाते मम्मी पापा को नहीं पता होता पासवर्ड क्या है तो बच्चों से आप फ्रेंडली बिहेवियर रखे ताकि बच्चे आपको कोई चीज बता सके क्या होता है कि कई बार बच्चे बात करते हैं किसी अनजान से बात करते बच्चों की क्यूरियोसिटी होती है एक फोटो उन्होंने डाली और एक कोई लाइक कमेंट आ गया बड़े अच्छे लग रहे हो पर्सनल बात करने उन्हें लगता है अट्रैक्शन आने लगता है उन्हें अरे इसने मुझे बहुत अच्छा बोला
तो ये मेरे लिए अच्छा है अब एंड साइड से उन्हें नहीं पता कि कौन बात कर रहा है वो कोई आपको मम कर सकता है या फिर आपकी इंफॉर्मेशन ले रहा है तो कई बार ऐसा होता है कि फोटो वोटो भेजने की बातें आ जाती है आजकल की फोटो भेजो फिर ऐसे करके बच्चों को ब्लैकमेल करते हैं बुली करते हैं कुछ केसेस देखे हमने उन्होंने ये बोला कि चलो अपने पापा का मम्मी का क्रेडिट कार्ड शेयर करो ऐसे करके शेयर करते हैं दूसरी चीज ये है कि पेरेंट्स को अपना फोन तो कभी भी नहीं देना चाहिए बच्चों को अपना फोन अगर आप गेम खेलने के लिए दे रहे हो बच्चों को कुछ भी खेलने के लिए दे रहे हो तो
एगजैक्टली आपका फोन अब आपका पूरा का पूरा वॉलेट है आप सब कुछ जीप है और ग जो भी है पेटीएम एटीएम सब कुछ आप वॉलेट यूज करते हो तो एटली आपका फोन जो है आपका वॉलेट है आपका बच्चा गेम गेम प एक एडज मेंट आजकल खूब एडज मेंट आती है गेम में और ा पर भी एडवर्टाइजमेंट आती है तो आप अगर एडवर्टाइजमेंट पर आपके बच्चे ने क्लिक कर दिया नोइंग अनोली बच्चों को नहीं पता होता है और उसम आप देखो कभी की गेम खेल रहे हो या फिर आपका कोई ऐसा पॉप अप आता है जब तो उसका ना क्रॉस बटन आपको ढूंढना पड़ता है कहां प है आप क्रॉस बटन तो बच्चा नहीं ढूंढ पाएगा बच्चा क्लिक करेगा बैक जाएगा
और उस क्लिक में हो सकता है कि हैकर्स ने कोई ऐसी स्क्रिप्ट र हो जो रन कर जाए बैकग्राउंड में और आपका फोन कंप्रोमाइज हो जाए आपको पता भी नहीं चले कि फोन कंप्रोमाइज हो गया है तो ये सब चीजें है कि पेरेंट्स को ध्यान रखना चाहिए आप अपने जो पर्सनल इन चीजें है इन पे अलग से आप पासवर्ड लगा के रखो उसके बाद बच्चों को दो और हो सके तो थोड़ा सा पैरेंटल कंट्रोल आप रखिए बच्चों पे क्योंकि साइबर क्राइम के लिए हम नहीं कह सकते कि किसी का नंबर नहीं आएगा कोई ट्रैप नहीं होगा तो इन सब चीजों को जानना बहुत जरूरी है बिल्कुल मैम इनफैक्ट आजकल मैं इतना देख रही हूं कि लोग ना लॉग्स बहुत बना रहे हैं
एंड पेरेंट्स इनफैक्ट अपने बच्चों की इतनी इंफॉर्मेशन अननोइंग आई डोंट नो क्या इंटेंशन उनका रहता है वो बता देते कि हमारा बच्चा यू ो वी आर ड्रॉपिंग अ किड इधर सब कुछ अपना वो बताते रहते हैं य प या ं प कि हमारे बच्चे ने आज किया हम आज यहां गए तो ये जो डिजिटल फुटप्रिंट हम खुद ही इनक्रीस कर रहे हैं तो ना कहीं पेरेंट्स का भी रोल है कि आप अपने बच्चों के लिए इतनी सारी इंफॉर्मेशन ऐसे प्लेटफार्म प रख रहे हो जो इतना वल्नरेबल है तो कहीं ना कहीं पेरेंट्स को भी समझना चाहिए कि वो इतना भी पब्लिकली स्पेशली अपने बच्चों को तो ना ही डिस्क्लोज करे स्पेशली मुझे ऐसा लगता मैं
पर्सनली ये चीज अपना भी सोच के चलती हूं जब भी कहीं घूमती हूं वैर मैं उस उस जगह की फोटो ऐसे समझ के चलो कि कुछ भी एकदम खुद हीय मत अपना गड्डा मत खो दो कि यू नो आप ऐसे कर रहे हो तो या दिस इज डेफिनेटली समथिंग ट वी शुड लुक फॉरवर्ड टू आल्सो मैम एक और क्वेश्चन था मेरा कि आप इतना सारा इससे रिलेटेड काम करती हैं रिसर्च में भी इतना सारा टाइम जाता है तो आपका वर्क लाइफ बैलेंस कैसे आप अचीव करती है मैनेज कैसे करती है आप इतना वो तो हो जाता है जब आप पैशन आपका किसी चीज को करने का होता है तो आपका वर्क लाइफ बैलेंस हो जाता है फिर दूसरी चीज
होती है फैमिली सपोर्ट अगर आपकी फैमिली सपोर्ट कर रही है तो आप बैलेंस कर लो ये चीज अगर आपकी फैमिली सपोर्ट नहीं कर रही है तो माइट भी थोड़ा सा प्रॉब्लम होती है इन चीजों में तो ब्लेसिंग है फैमिली की भी की वो सपोर्ट करते हैं अच्छी फैमिली हमारी तो ये है मेरे लिए एक प्लस पॉइंट है कि सपोर्ट मिल जाता है मुझे फैमिली से और वर्क लाइफ मैनेज हो जाती है थोड़ी सी चलता रहता है नहीं एक्चुअली दिस वेरी इंपोर्टेंट मतलब अगर पेरेंट्स का साथ होता है ना फिर कुछ चीज मैटर नहीं करती जब वही हमारी बैक बोन है बस वही अगर हमारा साथ देना तो बस ऐसा लगता है बस हमारे साथ हमारी पूरी दुनिया
हमारे साथ है कुछ नहीं दिम एंड आल्सो फॉर दोस इंटरेस्टेड इन साइबर सिक्योरिटी स्पेशली साइकोलॉजिकली पर्सपेक्टिव से अगर हम सोचे उनको साइकोलॉजी के फीड में जाना है तो आप उनको क्या एडवाइस देना चाहोगे कुछ टिप्स देना चाहोगे कि वो कैसे इस चीज को लेकर प्रोग्रेस करें क्या उनके होने चाहिए फर्स्ट स्टेप्स क्या उनका दिमाग में रहना चाहिए माइंडसेट की उनका मतलब ट्रैक क्या रहना चाहिए अगर व इस फीड में आना चाहते हैं तो साइबर साइकोलॉजी की फीड में अगर आना चाहिए तो पहली बात यह है कि आपको इंटरेस्ट होना चाहिए आपको जानने की इच्छा होनी चाहिए कि आप किसी कोई भी फीड पैक्ट कर रहा है आप रिसर्च कीजिए रिसर्च भी एक बहुत अच्छा जो
है वे है रिसर्च करके आप गदर कीजिए चीजों को की कैसे इंपैक्ट कर रहा है जैसे अभी आपने बताया एकस की जो पेरेंट्स है वो अपने बच्चों की इंफॉर्मेशन सब ऑनलाइन डाल रियलटी है जिस दिन बच्चा पैदा होता है उस दिन से आप उसका ा अकाउंट बना देते हो उसकी की फोटो उस पोस्ट करते हो अब आप ये नहीं समझ रहे हो और अकाउंट अकाउंट भी आपका प्राइवेट नहीं होता है अकाउंट भी पब्लिक होता है आप पब्लिक अकाउंट में आपका बच्चा कितने दिन में खाना खाया कब चलना सीखा आप सबसे शेयर कर रहे हो आपने यह भी शेयर कर दिया आपका बच्चा कौन से स्कूल में जा रहा है कितने बजे उसकी छुटकी होती कितने बजे
वो जाता है तो एक केस ऐसा मैंने देखा था कि सिर्फ यही सब देख के एक बच्चे को किडनैप कर लिया गया था क्योंकि वो अच्छी फैमिली से आता था अभी था वो लोग देखते थे लाइफ स्टाइल बहुत अच्छे पैसे मिल सकते बच्चे को किडनैप कर लिया उन्होने तो आप काफी सारी चीज ऐसी है ना कि आपको कौन स्पाई कर रहा है नेट में आप नहीं समझ सकते कौन आपका अच्छा चाह रहा है वैसे तो जनरली कंपटीशन ही होता है लाइक शेयर की रेडस होती है कि मैंने फोटो डाली मेरे फोटो पर लाइक अपने ऊपर सवाल खड़ा कर लेते कि मैंने फोटो डाली मेरे में लाइक नहीं आया क्यों नहीं आया मैं इतनी बुरी लगती हूं ऐसा
लगेगा मतलब टली तो ये लाइक और फॉलोवर्स वाला जो एक सर्कल बन जाता है ना तो ये थोड़ा सा हम उसी के अनुसार जज करने लगते हैं अपने आपको को नहीं मैम य सच में चीज है कि हम एक्सटर्नल वैलिडेशन को ना बहुत ज्यादा प्रायोरिटी दे देते हैं जब तक हमें दूस नहीं करता तब तक हमें ऐसा लगता है कि हम कुछ गलत तो नहीं कर रहे यू नोम आ वर्दी ऑफस य क्वेन तो बहुत ही दिमाग में आता है तो सबको रिकमेंड करूंगी की एक्सटर्नल वैलिडेशन जितना कम उतना बेटर है खुद पर रखो ठीक है हर कोई पर कोई भी परफेक्ट नहीं है सब अपना बेस्ट शो करते हैं कि हम य हमें बिल्कुल नहीं आ किसकी क्या रियलिटी
है तो यही सब अपना दिमाग में लेकर चले ल्स मैम आईन इन र रिसेंट टॉ य टॉक अबाउट समथिंग अराउंड डिजिटल बम सो ट डिजिटल ब होता क्या हैने थोड़ा ड नाम दे दिया डिजिटल बम डिजिटल बम बेसिकली द डिवाइस डिवाइस यूज करते हैं हमारे आसपास होता है हमेशा फोन हमारा अब फोन है हमारे पास बट हमें पता नहीं है कि फोन वल्नरेबल हो सकते हैं फोन में क्योंकि किसी भी चीज का अटैक वेक्टर क्या हो सकता है सिम ही हो सकता है ना नंबर हो सकता है आपको कॉल आएगा तो नंबर प ही तो आएगा डटा आपका हो सकता है तो जब आपका आपका समय नहीं बीतेगा तो मैंने य देखा कि सही बात है फोन अगर नहीं है तो
आपका टाइम पास नहीं होगा क्योंकि लोग फोन को बहुत ज्यादा टाइम दे रहे एडिक्ट हो रहे तो इस एडिक्शन को लेके अभी जो केस हमने डिस्कस किया कि आप वायलेंट हो रहे हैं बच्चे आजकल के बच्चे नहीं बड़े भी हो रहे हैं बड़ों को भी अगर मना कर दिया जाए कि आप फोन नहीं टच करोगे मतलब एकदम घबराहट हो जाती है उनको एंजाइटी हो जाती है कि क्या करें फोन थोड़ी देर डिस्चार्ज हो जाता है तो समझ में नहीं आता क्या करे तो वो जो एडिक्शन है तो उस चीज को लेकर हमने इसे डिजिटल बम नाम दिया था कि इस फोन के कारण लोग क्या क्या क्राइम कर रहे हैं और डिजिटल वेल बंग की भी बात हमने इसम
इंक्लूड की थी मैंने एक सर्वे कंडक्ट किया था बेसिकली तो सर्वे इज अबाउट कि आप पर डे कितना फोन यूज करते हो तो एक मतलब एक तो बहुत ही अन बिलीवेबल था 14 आर आया उस बंदे का एक बंदे ने कमेंट किया मैंने बोला आप कमेंट में लिख दो 14 आर फोन यूज तो मैंने बोला यार ये इतना ज्यादा यूज ऑन एन एवरेज लेके चले चार घंटे का फोर आर तो बेसिक आदमी करता है स्पेंड फोर आर आपने स्पेंड किया फोन में पर डे इनटू आप 365 दो तो आप एटलीस्ट मतलब आप अगर उससे एडिक्शन बन जाती है कि डोपामिन हमारा बहुत बढ़ रहा है उससे तो हो जाते हैं कि बस देखते रहे देखते र ल्स वगैरह बट डेफिनेटली
आई मीन लिमिट करना और आई वुड से कि आपकी जो हॉबीज है अगर कोई हॉबीज नहीं भी है तो आप उसे एक्सप्लोर कीजिए मतलब देर इज सो मच टू लर्न मुझे ऐसा लगता है अगर हम एक स्टेप भी बढ़ाएंगे ना तो मुझे लगता है बाकी चीजें भी खुद ही हमारे पास वो आ जाएंगे जब हम एक लेवल पे आते हैं ना जैसे कहते हैं ना कि जैसे हमारी फ्रीक्वेंसी रहती है हम उस फ्रीक्वेंसी के साथ मैच करने लग जाते हैं अगर फर्स्ट स्टेप लूंगी पढ़ने को या कोई चीज डिस्कवर करने को तो वैसे ही चीज मेरे को कहीं ना कहीं अवेलेबल होने लगेंगी ऐसा मेरे साथ हुआ है बहुत बार की मैं एक दो स्टेप भी इवन इफ आई शो अप फॉर इट ना तो
कहीं ना कहीं आई कनेक्ट विथ सम थिंग्स जिसके बारे में मैं उसी से रिलेटेड सीखने लग जाती हूं तो इट्स डेफिनेटली समथिंग आई वुड इनकरेज एवरीवन की वो भी इस चीज को अपनी लाइफ पर लागू करें सो रा एब्सलूट आल्सो मैम मेरे दिमाग में एक और क्वेश्चन था कि आपके टाइम में और आज के टाइम में जो साइबर क्राइम्स का गैप है वो तो बहुत ज्यादा रहा होगा उस टाइम पे किस तरीके के साइबर क्राइम या फ्रॉड हुआ करते थे और आज के टाइम पे क्या फरक है मतलब अगर मैं बात करूं आज से आ 10 साल पहले की तो उस टाइम पे ये लिंक विंक वाले उतने कॉल नहीं आते थे हां फिशिंग विशिंग
होती थी फोन आता था ओटीपी दे दो वाला तो वो ज्यादा चलता था ओटीपी आप शेयर कर दो सीवीवी नंबर शेयर कर दो ऐसी चीज अभी क्या है वो सब सिक्योरिटी पैच हो चुकी है अब उनमें फस नहीं सकते लोग अब किसी को फोन करके तुम रियल में भी ओटीपी मांगोग ना किरे किसी अब तुम एक सिनेरियो बना लो कि तुमने अपने ऑर्गेनाइजेशन विसाइड की तरफ से तुमने कुछ सेंड किया अभी तुम अपने मेंबर से ओटीपी मांगो तुम्ह नहीं मिलेगा शेयर करें बकन वाले फोन बिटी है आपके लिए 100 पर बट यही है कि बस आप यह समझ सकते हो थोड़ा सा कोशिश कर सकते हो कि आप अपना अगर डाटा नहीं देते हो तो शायद है कि आप बच सकते हो
कम रेबल हो सकते हो बट अगर इंटरनेट प हो तो वल्नरेबल हो और इंटरनेट के बिना तो काम चल ही नहीं सकता है इंटरनेट हम छोड़ नहीं सकते ये तो हैम इनफैक्ट मैंने अभी एक रिसेंट न्यूज भी देखी थी तो उसम यह था कि जो चाइनीज साइंटिस्ट एंड रिसर्चस है दे हैव फाउंड अ वे टू डिक्रिप्ट आरएस एल्गोरिदम तो आरस क्रिप्टोग्राफी क्रिप्टोग्राफी का एक एल्गोरिदम था तो जब मेरे टाइम में हमने इसको स्टडी किया था बैचलर्स के ड्यूरिंग तो आर एसए हो गया या फिर यू नो डीएस होता है एडवांस इंक्रिप्शन स्टैंडर्ड होता है तो उसमें ना हम मैथमेटिकली भी सॉल्व करना पड़ता था बहुत ज्यादा तो त इतना दिमाग ऐसे खराब होता था क्योंकि वो मैथमेटिकली उसको सॉल्व करने के
उसके राउंड्स होते थे कि डिपेंड करता है कितनी बाइट्स है तो उसके उस हिसाब से राउंड्स होते थे फिर मैथमेटिकली वो सॉल्व करके पेपर में दिखाना पड़ता था ये वो और मुझे उस टाइम प लगता था कि यार इसको तो कौन डिक्रिप्ट करेगा कोई आलसी इतना आलसी आ जाएगा देखे इतना क्या बट हैकर्स तो ऐसे हैं कि जैसे जैसे चीज एडवांस होती जाएंगी ना दे कीप देम सेल्फ अप टू डेट मतलब वो तो ऐसे हैं कि क्या है ऐसी चीज मतलब लोगों में ना कहीं कहीं एक इंटेंशन का भी डिपेंड करता है कि कहीं कहीं ये चेक करते कि अच्छा इसमें कितनी वल्नरेबल है मैं वीपीटी से चेक करता हूं कितनी व्यूवर्स को कि साइबर लॉ होता क्या है एटलीस्ट देर अवेयर
ऑफ इट देखो जैसे डिशन क्राइम होते है तो ट्रेडिशनल क्राइम जब होते है तो क्रिमिनल के लिए कुछ जस्टिस के लिए कुछ लॉ बनाए गए है तो पहले आईपीसी सीआरपीसी था अभी बीएनएस आ गया है तो ऐसे ही आईटी में भी अगर कोई क्राइम होता है किसी भी तरह का क्राइम लेलो इंपर्सनेशन है सेशन है या फिर किसी तरह का फ्रॉड कह लो या फिर टेररिज म जैसे की नसन वेर अटैक अगर एम्स प जो हुआ था तो ये टेररिज में काउंटर किया जाता है तो टेररिज हो गए या फिर एक्सप्लिसिट मटेरियल आप शेयर कर रहे हो या फिर सर्कुलेट कर रहे हो या उसे मॉडिफाइड कर रहे हो तो ये सब भी एक क्राइम के अंदर आता है तो आईटी एक्ट जो
होता है आईटी एक् 2000 जो है हमारा तो वो बेसिकली साइबर लॉस जो है वो उस पर बनाए गए हैं और किसी भी तरह का अगर लॉ का कोई तोड़ता है किसी भी तरह के लॉ को या कोई क्राइम थिंग सिस्टम नेटवर्क एवन एल्गोरिदम ब्रेकिंग लॉ इ नॉट ऑन द लिस्ट सो स्टे सेफ अटिल नेक्स्ट टाइम एंड वी आर कमिंग अप वि समथिंग ली ग्रेट स्टे ट्यू थैंक यू सो मच एवरीवन साइनिंग ऑफ वि सोनल थैंक य थैंक यू एवरीवन थैंक यू थैंक यू बहुत अच्छा लगा कनेक्ट करके बात करके और बाद में नेक्स्ट टाइम भी हम कनेक्ट करेंगे काफ सारी बात करने के लिए थैंक यू थैंक यू सो मच थैंक यू एवरीवन थैंक य बा
बाय